भारतीय परिवहन

भारतीय परिवहन

सड़क परिवहन-: भारत का लगभग 54.79 किलोमीटर का स्रोत नेटवर्क विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है जिसमें अंतर राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं अन्य सड़कें शामिल है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-: इसके निर्माण प्रबंधक एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार द्वारा निभाई जाती है। इसका नियंत्रण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाता है। भारत 2018 के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 103933 किलोमीटर है। यह संपूर्ण देश के सड़कों के कुछ लंबाई का लगभग 1.9% है। जो सड़क परिवहन का लगभग 40% यातायात संपन्न कराती है।

भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 7 है जो उत्तर प्रदेश में 128 किलोमीटर, मध्य प्रदेश में 504 किलोमीटर, महाराष्ट्र में 333 किलोमीटर, आंध्र प्रदेश में 735 किलोमीटर, कर्नाटक में 125 किलोमीटर, तमिलनाडु में 267 किलोमीटर (कुल 2369 किलोमीटर) लंबी है।

भारत का सबसे लंबा केबल सेतु गुजरात राज्य के भरूच जिले में नर्मदा नदी पर स्थित है। जिसका निर्माण राज्य राजमार्ग-8 के अहमदाबाद- मुंबई खंड पर यातायात को सुगम बनाने हेतु किया गया है। भारत का सबसे छोटा राज्य मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 47a जिसकी लंबाई 6 किलोमीटर है यह केरल के बेम्बानद झील में स्थित वेलिंगटन द्वीप में है।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1और 2 को सम्मिलित रूप से ग्रांड र्टक रोड ( G.T. road) कहा जाता है।

राज्य राजमार्ग-: इसका निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है राज्यों के राजमार्ग की लंबाई वर्तमान मे 142687 किलोमीटर है भारत में सड़कों का सर्वाधिक घनत्व केरल मैं तथा सबसे कम जम्मू कश्मीर में है केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वाधिक सड़क घनत्व दिल्ली तथा दूसरा स्थान चंडीगढ़ का है राज्य में सड़क मार्ग की लंबाई में प्रथम स्थान महाराष्ट्र का है सड़क निर्माण क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ,बनाओ चलाओ और हस्तांतरित करो, पार्टी की नीति अपनाई माल परिवहन लगभग 65% और यात्री परिवहन का 80% सड़कों से ही होता है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-: इसके अंतर्गत 500 की आबादी वाले सभी गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है विश्व का सबसे ऊंचा सड़क राज्य सड़क मार्ग लेह श्रीनगर मार्ग है जो कराकोरम दर्रे को पार करता है इसकी ऊंचाई लगभग 3450 मीटर है 2006 में इसे राष्ट्रीय राजमार्ग -1D(NH-1D) घोषित किया गया।

 रेल परिवहन

भारतीय रेल एशिया की सबसे बड़ी तथा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है। भारत में सर्वप्रथम रेल व्यवस्था की शुरुआत अप्रैल 1853 में मुंबई से थाणे(34km) के बीच प्रारंभ हुई। विश्व की सबसे पहली रेलगाड़ी 1825 ईस्वी में स्टोकन और डार्लिंगटन के बीच चली थी। इसके बाद 1830 में लिवरपूल और मैनचेस्टर को आपस में रेल का रेल मार्ग से जोड़ दिया गया। रेल वित्त को वर्ष 1925 ईस्वी के बाद ऐड बर्थ कमेटी की सिफारिश पर सामान्य राजस्व से अलग किया। भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण 1950 ईस्वी में हुआ। 2017 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में मिला दिया गया। भारतीय रेल प्रशासन तथा प्रबंध की जिम्मेदारी रेलवे बोर्ड पर है रेलवे को 17 मंडलों में (जो पहले 9 मंडलों का था) बांटा गया है प्रत्येक मंडल का प्रधान महाप्रबंधक होता है।

कोलकाता मेट्रो रेल-: 1972 ईस्वी में बनी यह योजना 1975 ईस्वी से अमल में आई दमदम से पालीगंज तक इस भूमिगत रेल मार्ग की कुल लंबाई 16 दशमलव 45 किलोमीटर है कोलकाता मेट्रो रेल की शुरुआत 24 अक्टूबर 1984 को हुई।

दिल्ली मेट्रो रेल-: यह परियोजना जापान में कोरिया की कंपनियों के सहयोग से बनाई गई है इसके अंतर्गत सबसे पहली रेल सेवा 25 दिसंबर 2002 ईस्वी को तीस हजारी से शाहदरा के बीच चलाई गई।

मुंबई में मोनोरेल-: स्वतंत्र भारत में मोनोरेल सर्वप्रथम मुंबई में संचालित की गई जहां इसकी इसका शुभारंभ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने 1 फरवरी 2014 को किया। संपूर्ण परियोजना (19.17 किलोमीटर) शुरू होने पर यह विश्व में दूसरी सर्वाधिक दूरी वाली मोनो रेल परियोजना हो जाएगी। इस संबंध में जापान का 23.8 किलोमीटर लंबा ओसाका मोनोरेल रिकॉर्ड सबसे लंबा है। 16.69 किलोमीटर लंबे टोक्यो रिकॉर्ड का वर्तमान में दूसरा स्थान है।

अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया के पश्चात भारत विश्व का सातवां देश हो गया है जहां सार्वजनिक परिवहन के साधन के रूप में मोनो रेल की सुविधा उपलब्ध हो गई है। विश्व की पहली मेट्रो रेल लंदन लंदन में चली थी जिसकी शुरुआत 10 मई 1963 ईस्वी को हुई यह विश्व की दूसरी सबसे लंबी मेट्रो ट्रेन है। इसकी लंबाई 402 किलोमीटर है। चीन की शंघाई मेट्रो विश्व की सबसे लंबी मेट्रो ट्रेन है इसकी कुल लंबाई 434 किलोमीटर है। रेल इंजन निर्माण के कारखाने चितरंजन, वाराणसी तथा भोपाल मैं स्थित है। सवारी डिब्बों का निर्माण कपूरथला, कोलकाता तथा बेंगलुरु में किया जाता है। रेल इंजन बनाने का नया कारखाना मधेपुरा (इलेक्ट्रिक इंजन) एवं मढौरा (डीजल इंजन) (बिहार) में स्थापित किया गया है।

भारत में प्रथम रेलवे विश्वविद्यालय बड़ौदा (गुजरात) में खोलने की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा की गई है।

वायु परिवहन

भारत में वायु परिवहन की शुरुआत 1914 ईस्वी में हुई।  इलाहाबाद में नैनी के बीच विश्व की सर्वप्रथम विमान डाक सेवा का परिवहन किया गया। 1933 ईस्वी में इंडियन नेशनल एयरवेज कंपनी की स्थापना हुई 1953 ईस्वी में सभी वैमानिक कंपनियों का राष्ट्रीयकरण करके उन्हें दो नवनिर्मित निगमों के अधीन रखा गया है।  भारतीय विमान निगम, एयर इंडिया।

भारतीय बीमा निगम देश के आंतरिक भागों के अतिरिक्त सीमावर्ती देश नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालद्वीप, म्यांमार व अफगानिस्तान की सेवाएं उपलब्ध कराता है। तथा एयर इंडिया विदेशों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराता है। 24 अगस्त 2007 ईस्वी को सार्वजनिक क्षेत्र के विमान कंपनी एयर इंडिया एवं भारतीय बीमा निगम का विलय हो गया। यह दोनों कंपनियां अब नेशनल एविएशन कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एन ए सी आई एल) के नाम से कार्यरत हो गई है। कंपनी का ब्रांड नाम एयर इंडिया हैं।

जल परिवहन

केंद्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थापना 1987 में की गई थी इसका मुख्यालय कोलकाता में है देश के राजमार्गों को दो भागों में बांटा गया है।

आंतरिक जलमार्ग-: यह परिवहन नदियों नहरों एवं जिलों के द्वारा होता है हल्दिया से इलाहाबाद तक जलमार्ग को 22 अक्टूबर 1986 को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 घोषित किया गया है।

सामुद् जलमार्ग-: इस दृष्टि से भारत का संपूर्ण क्रांति के तटीय भाग काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है देश की मुख्य भूमि की 5600 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर 13 बड़े एवं 185 छोटे व मझोले बंदरगाह स्थित है।

देश का सबसे बड़ा बंदरगाह मुंबई में है बड़े बंदरगाहों का नियंत्रण केंद्र सरकार करती है। जबकि छोटे बंदर का संविधान की समवर्ती सूची में शामिल है जिनका प्रबंधक संबंधित राज्य सरकार करती है। देश का सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक बंदरगाह विशाखापट्टनम में है यह भारत का सबसे गहरा बंदरगाह है।

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